ग्रामीण विद्यालय पर निबंध | Essay on Village School in Hindi

  • Post author:
  • Post category:Essay

आज का यह निबंध ग्रामीण विद्यालय पर निबंध (Essay on Village School in Hindi) पर दिया गया हैं। आप इस निबंध को ध्यान से और मन लगाकर पढ़ें और समझें। यहां पर दिया गया निबंध कक्षा (For Class) 5th, 6th, 7th, 8th, 9th, 10th और 12th के विद्यार्थियों के लिए उपयुक्त हैं। विद्यार्थी परीक्षा और प्रतियोगिताओं के लिए इस निबंध से मदद ले सकते हैं।

Essay on Village School in Hindi

लगभग प्रतेक गाँव में एक विद्यालय है। प्रायः गाँव का विद्यालय गाँव से बाहर स्थित विद्यालय के इर्द-गिर्द का वातावरण शांत होता है। ग्रामीण विद्यालय का भवन नहीं होता है। लेकिन, खुला मैदान ग्रामीण विद्यालय में पाया जाता है। प्रायः गाँव का विद्यालय ग्रामीणों द्वारा दिये गये भूमिखंडों पर स्थित होता है। गाँव के विद्यालय में हलका मैदान भी होता है। गाँव का विद्यालय हवादार एवं रोशनी से परिपूर्ण होता है।

 

ये भी पढ़े:- गांव का विकास पर निबंध

 

गाँव के विद्यालय में बच्चे-बच्चियाँ एकसाथ पढ़ते हैं । जो अधिकांश विद्यार्थी गरीब परिवारों से आते हैं। उनके अभिभावक निम्न आयवर्ग के लोग होते हैं। इसलिए, लड़के-लड़कियाँ गंदे होते हैं। उनके वस्त्र अच्छे नहीं होते । उनके पास आवश्यकतानुसार सभी पुस्तकें एवं लेखन-सामग्रियाँ नहीं होती।

 

ये भी पढ़े:- नशा मुक्ति पर निबंध

 

गाँव के विद्यालय में एक भिन्न प्रकार की समय-सारणी अपनायी जाती है। विद्यार्थियों को पाठ्य-पुस्तकों के बाहर भी कुछ कार्य करने पड़ते हैं; जैसे कृषि और बागवानी। वे कक्षा एवं मैदान की सफाई करते हैं। पहले वे लोग प्रार्थना करते हैं और तब कक्षा में जाते हैं। वे लोग अपने शिक्षकों का आदर करते हैं। विद्यालय में शिक्षक सभी विषयों को पढ़ाते हैं।

 

गाँव के विद्यालय में विद्यार्थियों द्वारा शिक्षकों का आदर किया जाता है। और शिक्षक भी बच्चो को अच्छे से बहुत प्यार करते है, यही कारण है की ग्रामीण लोग भी शिक्षकों का आदर करते हैं। शिक्षक सामान्य तौर पर सरल जीवन जीते हैं। वे साधारण वस्त्र पहनते हैं। वे लोग अनुशासन पसंद करते हैं। वे सभी विद्यार्थियों को अनुशासन सिखलाते हैं।

 

ये भी पढ़े:- दैनिक दिनचर्या पर निबंध

 

लेकिन ग्रामीण विद्यालय की कुछ समस्याएँ भी हैं। उसके पास अच्छा भवन नहीं है। टूटे फूटे भवन रहते है तो कही भवन गिर रहे हैं तो कही बाथरूम नहीं है। अब शिक्षकों को अच्छा वेतन मिलता है। लेकिन, वे लोग अपने कर्तव्यों का पालन सही रूप में नहीं करते हैं। वे लोग प्राय: विद्यालय से अनुपस्थित रहते हैं। वे लोग विद्यालय में देर से पहुंचते हैं और जल्दी ही चले जाते हैं।

 

ग्रामीण विद्यालयों की स्थितियों को सुधारने के लिए सरकार ने कदम उठाया है। विद्यालयों ममध्याह्न भोजन दिया जाता है। बच्चों को पोशाक. पस्तक एवं अन्य सुविधाएं दी जाता है। स्थाती सुधारने के हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। यह एक अच्छा संकेत है।

 

Mukul Dev

मेरा नाम MUKUL है और इस Blog पर हर दिन नयी पोस्ट अपडेट करता हूँ। उमीद करता हूँ आपको मेरे द्वार लिखी गयी पोस्ट पसंद आयेगी।