धारा 370 पर निबंध | Essay on Article 370 in Hindi

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आज का निबंध धारा 370 पर निबंध (Essay on Article 370 in Hindi) पर दिया गया हैं। आप इस निबंध को ध्यान से और मन लगाकर पढ़ें और समझें। यहां पर दिया गया निबंध कक्षा (For Class) 5th, 6th, 7th, 8th, 9th, 10th और 12th के विद्यार्थियों के लिए उपयुक्त हैं। विद्यार्थी परीक्षा और प्रतियोगिताओं के लिए इस निबंध से मदद ले सकते हैं।

धारा 370 पर निबंध (धारा 370 A हटने के बाद का कश्मीर)

विषय-प्रवेश : कश्मीर समस्या भारत के गले की हडडी बन गयी थी। जिसकी आड़ में भारत को तबाह करने का घिनौना खेल चल रहा था। आर्टिकल 370 को 17 नवंबर 1952 से लागू किया गया था। यह आर्टिकल कश्मीर के लोगों को बहुत सुविधाएँ देता है जो कि भारत के अन्य नागरिकों को नहीं मिलतीं हैं।

 

समस्या का इतिहास : सन् 1947 ई० में जब देश का विभाजन धर्म के नाम पर हुआ तो कश्मीर का भारत के साथ विलय हो गया। चूँकि कुछ इलाके में मुसलमानों की संख्या अधिक थी, इसलिए पाकिस्तानी सेना ने वहाँ के लोगों की आड़ में भारतीय भू-भाग पर आक्रमण कर दिया। इसके पहले कि भारतीय सेना कार्रवाई करती कश्मीर का एक भू-भाग दुश्मनों के हाथ आ गया। बाद में युद्ध-विराम हुआ किन्तु तब तक कुछ भू-भाग आक्रामकों के हाथ आ चुका था, अतएव कश्मीर समस्या उठ खड़ी हुई जो धारा 370 A (2019 ई.) के हटाने के बाद सुलझी।

 

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अलगाववादियों की भूमिका कश्मीर में कुछ अलगाववादी तत्व हैं जो पूरे कश्मीर को भारत से अलग करना चाहते हैं। उनका कहना है कि कश्मीर हमारा है। कट्टरपंथी लोग मजहब के नाम पर इसको हवा देते हैं और पाकिस्तानी सेना इनकी सहायता करती है और ये लोग भारत की सीमा में आकर तोड़-फोड़, आगजनी और हत्या करते हैं। इन लोगों के उत्पात के चलते आज कश्मीर के लाखों हिन्दू बेघर होकर, झुग्गी-झोपड़ियों में नारकीय जिन्दगी बसर करते या फिर राहत शिविरों में किसी तरह जिन्दगी जी रहे हैं।

 

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वहाँ के शरारती तत्वों ने वहाँ एक समुदाय विशेष के लोगों का जीना मुश्किल कर रखा है। कश्मीर जो कभी स्वर्ग था, नरक से बदतर हो गया था। वहाँ कोई नहीं जानता था। कि आतंकवादी की गोली कब उनका कलेजा बेध देगी या बम उसके चिथड़े उड़ा देगा।

 

लोगों की दशा : कश्मीर की समस्या कितनी गंभीर थी इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वहाँ की विधान सभा के परिसर में बम फूटा और मंत्रियों एवं विधायकों पर हमले हुए। इतना ही नहीं अलगाबादियों ने सुरक्षा बलों के वाहन को पुलवामा में बम से उड़ा दिया। आम नागरिकों और सैनिकों की हत्या तो वहाँ आम बात हो गई थी।

 

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समस्या का निदान कश्मीर समस्या का कारण हमारी राजनीतिक इच्छा शक्ति का अभाव था. जिसके कारण कठोर कार्रवाई नहीं होती था। बात तो बहुत की जाती हैं लेकिन वोट की राजनीति के कारण कठोर कदम नहीं उठाए जाते। किन्त नरेन्द्र मोदी एवं अमित शाह के सार्थक प्रयास स १९ निश्चय किया गया कि कश्मीर में घसे आतंकवादियों और पाकिस्ता 797 इतनी सख्ती से निपटा जाये कि उनकी पीढियाँ भी इधर रुख करने का नाम न ले। अगर तत्काल ऐसा नहीं हआ तो राजनेताओं को देश कभी क्षमा नहा करेगा। अत: 2019 में धारा 370A को हटाकर भारत के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया।

 

उपसहार: केन्द्र सरकार (भाजपा) द्वारा 2019 में धारा 370 A को जम्मू कश्मीर से हटा दिया गया है। अब जम्मू कश्मीर केन्द्र शासित प्रदेश है। इसका विशेष राज्य का दर्जा भी हट गया है। इस धारा के हटते ही जम्मू -कश्मीर एवं लद्दाख दो भाग में विभक्त हो गए। इस प्रकार कश्मीर समस्या अब समाप्ति के कगार पर पहुँचकर दम तोड़ दी है।

Mukul Dev

मेरा नाम MUKUL है और इस Blog पर हर दिन नयी पोस्ट अपडेट करता हूँ। उमीद करता हूँ आपको मेरे द्वार लिखी गयी पोस्ट पसंद आयेगी।