हमारा देश भारत पर निबंध | Essay on Our Country in Hindi

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आज का निबंध मेरा देश भारत पर निबंध (Essay on Our Country in Hindi) पर दिया गया हैं आप Essay on Our Country in Hindi को ध्यान से और मन लगाकर पढ़ें और समझें। यहां पर दिया गया निबंध कक्षा (For Class) 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8,9.10 और 12 के विद्यार्थियों के लिए उपयुक्त हैं।

Essay on Our Country in Hindi

Essay on Our Country in Hindi

निबंध न.1- 300 शब्द 

भूमिका-“जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी” अर्थात् माता और मातृभूमि स्वर्ग से भी बढ़कर है। माता हमें जन्म देती है। अनेक कष्टों को सहकर हमारा लालन-पालन करती है। ठीक हमारा देश और इसकी मिट्टी भी हमारे लिए वैसा ही है। इस संसार में जितना भी देश है, सब अपने देश को अच्छा और प्यरा मानते हैं।

 

जगतगुरु के रूप में विश्व में सभ्यता का विकास ठीक से हुआ भी नहीं था, तब हमारे देश में वेदों की रचनाएँ हो रही थी। उपनिषदों की रचना हुई थी। जिससे मानव समाज को नया दर्शन मिला था। तभी तो कहा गया है-

“है क्या कोई देश यहाँ से जो न जिया है
सदुपदेश-पीयूष सभी ने यहाँ पिया है।”

सियाराम शरण गुप्त की यह पंक्तियाँ गुरु के रूप में ज्ञान का अमृत पिलानेवाला यह देश विश्व को गणित, विज्ञान. आध्यात्म चिकित्सा अर्थशास्त्र आदि की शिक्षा दिया। चाहे वह देश पश्चिम का हो चाहे अरब, यूनान, रोम चीन।

 

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विश्व मानचित्र पर यह वह देश है जहाँ देवता भी बार-बार जन्म लेकर धन्य हुए। यह वह पवित्र भूमि है जहाँ विश्व भर से यथा-मैगास्थनीज, ह्वेनसांग, फाह्मान आदि यात्री कष्टकर यात्राएँ करके पधारे। अनेक देश हमारे देश का ऋणी है। उत्तर में सर्वोच्च हिमालय इस देश की शोभा बढ़ा रहा है। दक्षिण में समुद्र इसका पैर पखारता है। हृदय-स्थली हरी-भरी धरती और मोतियों की माला की तरह मीठे पानी से भरी नदियाँ और अनेक तीर्थस्थल आदि से ही हमारा भारत महान है।

 

भारत भ्रमण विश्व भ्रमण के समान प्रकृति का सारा सौंदर्य इस देश की सम्पत्ति है। केसर की क्यारियाँ भरा स्वर्ग-सा कश्मीर, ताजमहल आठवें आश्चर्य के रूप में। अजन्ता, एलोरा-गुफाएँ, कुरुक्षेत्र, अयोध्या, ब्रज, नालंदा, मथुरा, लखनऊ, दिल्ली आदि विविध स्मृतियाँ संजोए है। जिसे दर्शनार्थ दुनियाँ के कोने-कोने से शैलानी आ-आकर इस बात का साक्षी बनते हैं कि भारत भ्रमण विश्व भ्रमण के समान है। उपसंहारभारत नहीं स्थान का वाचक, गुण-विशेष नर का है।

 

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एक देश का नहीं, शील यह भूमंडल का है। गुलामी समाप्त होने के बाद हमारा भारत संसार का सबसे मजबूत लोकतंत्र बनकर उभरा, जिसकी आज सब देश प्रशंसा करते हैं। मंद गति से ही सही लेकिन दृढ़ता से विकासोन्मुख है। बाधाएँ आना प्रकृतिस्थ है। आतंकवादी घटनाएँ मानवता को शर्मसार कर जाती है। परन्तु विश्वास है कि मेरे इस महान देश की आजादी को कोई भी देश झपट नहीं सकता है।

 

Essay on Our Country in Hindi

    निबंध न.2- 200 शब्द 

हमारा देश भारत सब देशों से प्यारा और न्यारा है भारत अपनी प्राचीन सभ्यता संस्कृति के लिए जाना जाता है। हमारा देश अनेकता में एकता का जीता जागता उदाहरण है यहां भिन्न भिन्न बोली भाषाएं बोलने वाले लोग एक साथ रहते हैं।

 

भारत के उत्तर में खड़ा पर्वतराज हिमालय हमारा रक्षक है हिमालय उत्तर दिशा के शत्रुओं से हमारी रक्षा करता है। भारत का तिरंगा झंडा शांति, हरियाली, एकता और बलिदान का संदेश देता है। आज हमारा दुनिया के किसी भी अन्य देश से पीछे नहीं है। भारत विज्ञान चिकित्सा, अंतरिक्ष, शिक्षा,तकनीक सभी क्षेत्रों कदम आगे बढ़ता जा रहा है।

 

भारत को ऋतुओ का भी देश कहा जाता है यहां सभी ऋतुए बारी बारी से आती है यहां पूरे वर्ष त्यौहारों की धूम मची रहती है। हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई सभी धर्मो के लोग एक दूसरे के साथ खुसी से सभी सभी त्यौहारों को मानते है। हमारा भारत सच प्यारा और अनोखा देश है।

 

Mukul Dev

मेरा नाम MUKUL है और इस Blog पर हर दिन नयी पोस्ट अपडेट करता हूँ। उमीद करता हूँ आपको मेरे द्वार लिखी गयी पोस्ट पसंद आयेगी।