दैनिक दिनचर्या पर निबंध | Essay on Daily Routine in Hindi

आज का यह निबंध दैनिक दिनचर्या पर निबंध हिंदी में (Essay on Daily Routine in Hindi) पर दिया गया हैं। आप इस निबंध को ध्यान से और मन लगाकर पढ़ें और समझें। यहां पर दिया गया निबंध कक्षा (For Class) 5th, 6th, 7th, 8th, 9th, 10th और 12th के विद्यार्थियों के लिए उपयुक्त हैं। विद्यार्थी परीक्षा और प्रतियोगिताओं के लिए इस निबंध से मदद ले सकते हैं।

Essay on Daily Routine in Hindi

आपका दैनिक दिनचर्या दिनचर्या का पालन करना बहत अच्छी आदत है। यह हमें योजनाबद्ध तरीके से जीने योग्य बनाता है। एक योजनाबद्ध जीवन सफल एवं अर्थपूर्ण जीवन के लिए आवश्यक है। बगैर दिनचर्या के जीवन अनियमित एवं परेशानियों-भरा होता है। इसलिए जीवन में नियमित दिनचर्या का बहत महत्त्व है। सभी को एक नियमित दिनचर्या का पालन करना चाहिए।

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प्रारंभ में नियमित दिनचर्या का पालन कठिन प्रतीत होता है। लेकिन एक बार इसको अपना लेने पर यह आदत में परिवर्तित हो जाता है। यह बिल्कुल आसान हो जाता है। मै सुबह चार बजे उठता हु। फ्रेश होकर दो घंटे पड़ता हु, उसके बाद बिधालय चला चला जाता हु। और  रात को मैं तीन घंटे पढ़ता हूँ। भोजन करता हूँ और सोने चला जाता है। यह मेरा संक्षिप्त दिनचर्या है।

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मैंने एक दिनचर्या बनाया है। मैं प्रतिदिन सुबह से शाम तक इसका दृढतापूर्वक पालन करता हूँ। मेरे दिनचर्या में कुछ खास नहीं है। यह एक सामान्य जीवन- क्रम है। में सुबह सूर्योदय से पहले जागता हूँ। मैं मुँह धोता हूँ और एक ग्लास पानी पीता हूँ। उसके बाद मैं दोस्तो के साथ टहलने के लिए बाहर निकल जाता हूँ। सुबह का टहलना एक अच्छा व्यायाम है। अच्छे दोस्तों के साथ खुली हवा में बाहर निकलना बहुत आनन्ददायक होता है।

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सुबह की ताजी हवा में मैं काफी स्फूर्ति महसूस करता हूँ। यह हमें सारा दिन बगैर थकान के कार्य करने की शक्ति देता है। वापस आकर मैं स्नान करता हूँ। फिर, मैं नास्ता करता हूँ। नास्ता के बाद मैं पढ़ने बैठ जाता हूँ और स्कूल चला जाता हूँ । मेरा स्कूल मेरे घर से तीन किलोमीटर दूर है। मैं इस दूरी को पैदल तय करता हूँ । पैदल चलना मुझे स्वस्थ एवं क्रियाशील रखता है।

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मैं एक नियमित छात्र हूँ। मैं अपनी कक्षा में कभी अनुपस्थित नहीं होता हूँ। शिक्षकों द्वारा पढ़ाये गये पाठों पर मैं ध्यान देता हूँ और मन से पढता हु। मैं अपने शिक्षकों का सम्मान करता हूँ। मैं उनकी आज्ञाओं का पालन करता हूँ। वे लोग मुझसे बहुत मानते और स्नेह करते हैं। दुष्ट विद्यार्थियों से मैं अपने को दूर रखता हूँ। मैं अनुशासन पसंद करता हूँ।

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मैं अपना समय नष्ट नहीं करता और अवकाश की अवधि में मैं पुस्तकालय जाता हूँ और पुस्तकों को पढ़ता हूँ। कभी-कभी अवकाश के समय मैं कॉमन रूम में जाता हूँ और खेलता हूँ। खेलना बहुत आनंददायक होता है। इसलिए मैं खेल का आनन्द लेता हूँ। स्कूल समाप्त होने पर मैं घर लौटता हूँ। मैं कुछ नास्ता करता हूँ और खेलने के लिए बाहर निकल जाता हूँ। मैं फुटबॉल और क्रिकेट खेलना पसंद करता हूँ। कभी-कभी मैं टेनिस और बॉलीबॉल खेलता हूँ। ये खेल मुझे स्वस्थ एवं ऊर्जावान बनाए रखते हैं।