दुर्गा पूजा पर निबंध 2021 | Essay on Durga Puja in Hindi

आज का यह निबंध दुर्गा पूजा पर निबंध 2021 (Essay on Durga Puja in Hindi) पर दिया गया हैं। आप इस निबंध को ध्यान से और मन लगाकर पढ़ें और समझें। यहां पर दिया गया निबंध कक्षा (For Class) 5th, 6th, 7th, 8th, 9th, 10th और 12th के विद्यार्थियों के लिए उपयुक्त हैं। विद्यार्थी परीक्षा और प्रतियोगिताओं के लिए इस निबंध से मदद ले सकते हैं।

Essay on Durga Puja in Hindi 2021

दुर्गापूजा एक महत्त्वपूर्ण त्योहार है। यह पूरे देश में मनाया जाता है। लेकिन, कुछ राज्यों में यह बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। पश्चिम बंगाल का तो यह मुख्य त्योहार है। यह आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रथम तिथि से दशमी तिथि तक मनायी जाती है। इस अवसर पर स्कूल, कॉलेज और सरकारी दफ्तर लम्बी अवधि के लिए बंद रहते हैं।

आश्विन माह में मनाये जानेवाले त्योहार को शारदीय नवरात्र कहा जाता है। यह त्योहार चैत्र माह में भी मनाया जाता है। चैत्र में मनाया जानेवाला त्योहार वासंती नवरात्र के रूप में जाना जाता है। लेकिन यह उतना प्रसिद्ध नहीं है जितना कि शारदीय नवरात्र।

 

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दुर्गापूजा दस दिनों तक मनाया जाता है। वास्तव में प्रथम दिन से नौवें दिन तक स्लोकों (मंत्र) का उच्चारण देवी दुर्गा के सम्मान में किया जाता है। लोग मंत्र पढ़ते हैं एवं देवी की शक्ति को याद करते हैं। दसवाँ दिन पूर्णाहूति का दिन होता है। इस अवसर पर देवी दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाती है। इसकी स्थापना सातवें दिन की जाती है। अन्तिम दिन पूजा बड़े उत्साह के साथ मनायी जाती है।

 

प्रतिमाएँ विभिन्न मुद्राओं की होती हैं। उन्हें सुन्दर वस्त्र पहनाये जाते हैं। देवी दुर्गा के दस हाथ होते हैं जिनमें विभिन्न तरह के अस्त्र धारण किये रहती हैं। पूजा की अवधि में लोगों के बीच प्रसाद वितरण किया जाता है । लोग पूजा-स्थल के पास जमा होते हैं । वे देवी का दर्शन करना चाहते हैं। वे लोग श्रद्धा एवं प्रेम से दान देते हैं।

 

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विजयादशमी बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में मनाया जाता है। कुछ स्थलों पर रामलीला का आयोजन होता है। राम द्वारा रावण को मारा जाता है। यह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। कहा जाता है कि दशमी के दिन ही राम ने रावण को मारा था। इसलिए इसे विजयादशमी के रूप में मनाया जाता है। रावण को मारने के पूर्व सन ने देवी दुर्गा की पूजा की थी। तब से इस दिन को दुर्गापूजा के रूप में मनाया जा रहा है। दूसरी कहानी दर्शाती है कि देवी दुर्गा ने महिषासुर नामक दैत्य को मारा।

 

जो भी हो, दुर्गापूजा एक धार्मिक त्योहार है। यह देवी दुर्गा के सम्मान में मनाया जाता है। यह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। यह बड़े उत्साह से मनाया जाता है। लोग नये वस्त्र पहनते हैं और त्योहार का आनन्द लेते हैं। इसका आनन्द सभी उम्र के लोग उठाते हैं। खासकर बच्चों की खुशी की तो सीमा नहीं होती।