सबेरे उठना पर निबन्ध | Essay on ‘Early Rising’ in Hindi

आज का यह निबंध सबेरे उठना पर निबन्ध (Essay on ‘Early Rising’ in Hindi) पर दिया गया हैं। आप इस निबंध को ध्यान से और मन लगाकर पढ़ें और समझें। यहां पर दिया गया निबंध कक्षा (For Class) 5th, 6th, 7th, 8th, 9th, 10th और 12th के विद्यार्थियों के लिए उपयुक्त हैं। विद्यार्थी परीक्षा और प्रतियोगिताओं के लिए इस निबंध से मदद ले सकते हैं।

Essay on 'Early Rising' in Hindi

Essay on ‘Early Rising’ in Hindi

“जल्दी सोना और सबेरे उठना, आदमी को स्वस्थ, धनवान और बुद्धिमान बनाता है।” यह मात्र एक कहावत नहीं बल्कि वास्तव में जीवन में सफलता की कुंजी है। गाँवों में लोग बहुत सबेरे उठते हैं। वे लोग अपना काम सूर्योदय के पूर्व शुरू कर देते हैं। वे लोग स्वस्थ स्फूर्तिवान एवं मेहनती होते हैं। लेकिन शहरी लोग प्रायः देर से उठनेवाले होते हैं। वे लोग सूर्योदय के बाद बिछावन छोड़ते हैं। इसीलिए वे लोग सुस्ती महसूस करते हैं।

 

सबेरे उठना बहुत तरह से लाभप्रद है। सबेरे उठनेवाले बहुत-से कार्य सूर्योदय के पूर्व कर लेते हैं। कार्य के लिए उन्हें अधिक समय मिलता है। वे लोग अपना कार्य उत्साह के साथ करते हैं। इसकी वजह है कि सुबह के समय मन प्रसन्नचित्त रहता है। वे लोग अपने को स्फूर्तिवान महसूस करते हैं। इसलिए, वे सुबह में अधिक कार्य कर लेते हैं। सुबह में वातावरण शान्त रहता है। यह कार्य को सही तरीके से करने का उपयुक्त समय होता है। वातावरण पूरी तरह शान्त रहने के कारण, जो भी कार्य करना होता है, उस पर एकाग्र होना आसान रहता है।

 

ये भी पढ़े:- अनुशासन पर निबंध हिन्दी में 

 

सबेरे उठना और शान्त वातावरण में कार्य करना शारीरिक व्यायाम की आवश्यकता को भी पूरा करता है। यह स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है। सबेरे उठना शुद्ध हवा में व्यायाम करने के योग्य बनाता है। सबेरे की ताजी हवा में किया गया व्यायाम स्वास्थ्य को उन्नत बनाता है । यह हमें स्फूर्तिवान एवं उत्साही बनाता है। यह हमें पूरे दिन के कार्य के लिए ऊर्जा प्रदान करता है।

 

ये भी पढ़े:- ग्रामीण जीवन पर निबंध हिन्दी में

 

सबेरे उठना सुबह में टहलने का हमें अवसर प्रदान करता है। सुबह में टहलकर कोई भी प्रकृति के सौन्दर्य का आनन्द ले सकता है। यह स्वास्थ्य के लिए सबसे अच्छा टॉनिक है। सबेरे जगकर कार्य करना हमें मानसिक चिंताओं से मुक्त करता है। सबेरे उठना बड़ा ही आनन्ददायक होता है। उसे खोना दुर्भाग्य को आमंत्रित करना है।

 

सबेरे उठना बहुत अच्छी आदत है। यह सबके लिए जरूरी है। विद्यार्थियों के लिए यह अधिक आवश्यक है। सुबह में उन्हें अध्ययन के लिए बहुत अनुकूल वातावरण मिलता है। इसलिए, उन्हें सुबह उठने की आदत डालनी चाहिए।