नशा मुक्ति पर निबंध | Essay On Nasha Mukti In Hindi

Essay On Nasha Mukti In Hindi

आज का यह निबंध नशा मुक्ति पर निबंध (Essay On Nasha Mukti In Hindi) पर दिया गया हैं। आप इस निबंध को ध्यान से और मन लगाकर पढ़ें और समझें। यहां पर दिया गया निबंध कक्षा (For Class) 5th, 6th, 7th, 8th, 9th, 10th और 12th के विद्यार्थियों के लिए उपयुक्त हैं। विद्यार्थी परीक्षा और प्रतियोगिताओं के लिए इस निबंध से मदद ले सकते हैं।

Essay On Nasha Mukti In Hindi

नशा सामाजिक बुराइयों में से एक है। नशाखोरी भारतीय समाज में सबसे बड़ी समस्या बन चुकी हैं हमारी युवा ही आसानी से इसका शिकार होते जा रहा है। यहाँ तक की छोटे छोटे बच्चे भी शराब, गुटखा, सनफिक्स, तम्बाकू, बीडी, सिगरेट आदि का नशा करते है। नशा-सेवन करनेवाले दर्दनाक स्थिति से गुजरते है। उनमें से अधिकांश निराशा की मौत मरते हैं।

 

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नशेबाज हर जगह हैं। लेकिन, अधिकांश शहरों अथवा नगरों में पाये जाते हैं। लेकिन अब छोटे छोटे गांव कस्बों में भी नशा सेवन करने वाले मिल जायेंगे। नशा सेवन भारत में पश्चिम से आया है। इसलिए, इसे आधुनिक सभ्यता के नाम पर पश्चिम का दु:खद उपहार कहा जा सकता है।प्रारंभ में लोग मनबहलाव और मनोरंजन के लिए नशा लेते हैं। यदि वे इसको लगातार लेते हैं, तो इसे लेना उनकी आदत बन जाती है। एक बार जब उन्हें इसकी लत लग जाती है, तो वे सामाजिक समस्या उत्पन्न करते हैं। उसके लिए समाज, मर्यादा, बहु बेटी, छोटे बड़े का फर्क शून्य हो जाता हैं।

 

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गलत संगति नशापान का मुख्य कारण है। क्षणिक आनन्द के लिए नशा-सेवन करनेवाले अपना जीवन बर्बाद करते हैं। आज युवा लड़के एवं लड़कियाँ अनेको प्रतियोगिता और संघर्ष से गुजर रहे हैं। युवा लोगों में हताशा और निराशा आम बात हो गई है। जब वे लोग निराश होते हैं, तो नशा-सेवन करने लगते हैं। स्मगलर और दवा बेचनेवाले भी इनको नशेड़ी बनाने में अमानवीय भूमिका निभाते हैं।

 

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अनेक प्रकार की नशा की वस्तुएँ हैं, जो युवा लोगों द्वारा सामान्य रूप से लिये जाते हैं। हिरोईन, स्मैक और ब्राउन सुगर आजकल आमरूप से प्रचलित हैं। नशेड़ी बगैर नशा किये रह नहीं सकते। वे नशीले पदार्थ के लिए कुछ भी कर सकते हैं। असामाजिक तत्त्व उनकी इस कमजोरी का लाभ उठाते हैं। नशेड़ी लोग असामाजिक तत्त्वों के हाथ की कठपुतली बन जाते हैं।

 

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नशा का शेवन करनेवाले मजबूर और दयनीय लोग हैं। वो आदत का मारा हुआ है। उनसे घृणा नहीं करनी चाहिए। उन्हें प्रेम और सहानुभूति की जरूरत होती है। उनको प्यार से समझाना चाहिए, वे लोग दुनिया से भटके हुए हैं। उन्हें सही राह दिखलाना हमारा नातक कर्तव्य है। उन्हें सामान्य जीवन में लाने के लिए हरसंभव कदम उठाया जाना चाहिए।

 

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अत: नशापान एक बड़ी सामाजिक समस्या है। यह युवा पीढ़ी को बर्बाद कर देती है। इसे रोकने के लिए सकारात्मक कदम उठाया जाना चाहिए। स्मगलर और नशीले पदार्थ बेचनेवालों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। नशीले पदार्थ को हर जगह बैन होना चाहिए। नशा के शिकार लोगों के साथ सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार होना चाहिए।

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