वृक्षारोपण पर निबंध | Essay on Tree Plantation in Hindi

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आज का निबंध वृक्षारोपण पर निबंध (Essay on Tree Plantation in Hindi) पर दिया गया हैं आप Essay on Tree Plantation in Hindi को ध्यान से और मन लगाकर पढ़ें और समझें। यह स्कूल-कॉलेज के छात्रों के लिए एक लघु 600 शब्दों वाला निबंध है। विद्यार्थी परीक्षा और प्रतियोगिताओं के लिए इस निबंध से मदद ले सकते हैं।

ESSAY ON TREE PLANTATION IN HINDI

Essay on Tree Plantation in Hindi

  निबंध न.1-500 शब्द 

भूमिका – वृक्ष हमारे लिए अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है। वह हमेशा चौकन्ना रहकर हमारी रक्षा के लिए तत्पर रहता है। इसके महत्त्व का बखान शब्दों में नहीं किया जा सकता है। वृक्ष जन्म लेने से लेकर मृत्योपरांत हमारे उपयोग में आता है लेकिन हमलोगों को भी उसकी महत्ता समझनी चाहिए। भोजन के लिए फल, जलावन की लकड़ी, घर निर्माण के लिए लकड़ी, विछावन के लिए लकड़ी यहाँ तक कि बूढ़े का सहारा भी एक लकड़ी ही है। जीवन के लिए शुद्ध हवा भी तो वृक्ष ही देता है। इसलिए कटाई के साथ-साथ रोपाई भी आवश्यक है।

 

वृक्ष की महत्ता – यदि पूरी धरती को मरूस्थल हो जाने से बचाना है तो हमें वृक्ष लगाना चाहिए। अंधाधुंध हम उसे काटते जा रहे हैं। अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति करते जा रहे हैं। लेकिन वृक्ष लगाना भी है इस पर किसी का ध्यान नहीं है। कल-कारखानों से निकलने वाली कार्बन डायऑक्साइड और मोनो ऑक्साईड गैसें वायु में घुलकर हमारे जीवन को निगलने के लिए सुरसा की तरह मुँह फैलाए जा रही है।

 

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जीवन शक्ति प्रदान करने वाली ऑक्सीजन घटते-घटते इतना कम हो जाएगी कि दम घुट कर जीव मर जाएगा। प्रकृति पर नियंत्रण और जीवनशक्ति को बनाए रखने के लिए वृक्ष का लगाना आवश्यक हो गया है। इसकी महत्ता को हम नकार नहीं सकते हैं। नियंत्रण और जीवनशक्ति को बनाए रखने के लिए वृक्ष का लगाना आवश्यक हो गया है। इसकी महत्ता को हम नकार नहीं सकते हैं।

 

लाभ – आज हमें मीठे पानी का स्रोत उपलब्ध है। यह तभी तक है, जबतक वन है। शुद्ध वायु, मीठे फल, आवश्यक लकड़ियाँ, जड़ी-बूटी, औषधीय पौधे, पशुओं की दुर्लभ प्रजातियाँ, रंग-विरंगी चिड़ियाँ और उन पशुओं और पक्षियों से प्राप्त होने वाले खाल-बाल, पंख सब हमारे लिए आवश्यक वस्तुओं के निर्माण में काम आते हैं। 1952 में सरकार ने “वन नीति” बनाई थी। वन महोत्सव मनाए गए। वृक्ष से मानव को क्या-क्या लाभ मिलता है इसके लिए डाक्यूमेंट्री निर्मित की गई ताकि लोग आसानी से समझ सके।

 

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कटाई की प्रतिपूर्ति – अपने भवष्यि को सुरक्षित रखने के लिए कटाई की जगह रोपाई को सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। बढ़ती जनसंख्या के लिए अनाज के खेत की भी आवश्यकता है। लेकिन यदि हमारी इच्छा शक्ति मजबूत होगी तो हम बंजर में भी वृक्ष उगा सकते हैं। सड़कों के किनारे, नदियों, नालों और नहरों के किनारे-किनारे यदि योजनाबद्ध ढंग से वृक्ष लगाए जाएँ, तो कटे वृक्षों की प्रतिपूर्ति हो सकती है और जीवन बच सकता है।

 

उपसंहार – वृक्षारोपण आवश्यक है, क्युकी मानव जीवन में चुप चाप खड़ा रह कर यह जीवन और आनंद प्रदान करता है। यह मौसम के संतुलन को बनाये रखता है जिससे सर्दी- गर्मी और बरसात समय पर होता है। जीवन देने के साथ साथ प्रकृतिक सोंद्रय में भी बढ़ोतरी करता है। अतः यह समझकर वृक्षारोपण करना चाहिए की “एक वृक्ष सौ पुत्र के समाना”

Mukul Dev

मेरा नाम MUKUL है और इस Blog पर हर दिन नयी पोस्ट अपडेट करता हूँ। उमीद करता हूँ आपको मेरे द्वार लिखी गयी पोस्ट पसंद आयेगी।