यदि मैं प्रधानमंत्री होता पर निबंध | If I Were A Prime Minister Essay in Hindi

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आज का यह निबंध यदि मैं प्रधानमंत्री होती होता निबंध (If I Were A Prime Minister Essay in Hindi) पर दिया गया हैं आप इस निबंध को ध्यान से और मन लगाकर पढ़ें और समझें। यहां पर दिया गया निबंध कक्षा (For Class) 5th, 6th, 7th, 8th, 9th, 10th और 12th के विद्यार्थियों के लिए उपयुक्त हैं। विद्यार्थी परीक्षा और प्रतियो -गिताओं के लिए इस निबंध से मदद ले सकते हैं।

If I Were A Prime Minister Essay in Hindi

हर आदमी सपना देखता है। सपने में कोई लखपति बनना चाहता है तो कोई करोड़पति, कोई डॉक्टर बनना चाहता है तो कोई इंजीनियर, कोई प्रशासक तो कोई मंत्री। जहाँ तक मेरा प्रश्न है, मेरा सपना है-भारत का प्रधानमंत्री बन अशिक्षा, अंधविश्वास, बेकारी और गरीबी से देश को मुक्त करना।

 

शिक्षा लोकतंत्र की आधारशिला है। मैं सबसे पहले शिक्षा पर ध्यान दूंगा। प्राथमिक शिक्षा अनिवार्य होगी और आगे की शिक्षा रोजगारोन्मुखी। उच्च शिक्षा विशेषता प्राप्त करने के लिए ही दी जाएगी। पाठ्यक्रम में वैसे पाठ शामिल होंगे जिनसे लोगों को अन्धविश्वास एवं कुरीतियों से छुटकारा मिले और नागरिकता तथा कर्तव्यपालन की भावना बढ़े।

राजनीतिक भ्रष्टाचार दूर करने पर ज्यादा जोर होगा। कार्यालयिक प्रक्रियाएँ सरल बनाई जाएंगी। भ्रष्टाचारियों की सजा के लिए सख्त कानून बनेंगे। जेल में नेता भी सामान्य कैदियों की भाँति रहेंगे।

 

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चुनाव कानून ऐसे बनाए जाएंगे कि लंठ, लाठी और लठैत का जोर समाप्त हो। उम्मीदवार को नामांकन के साथ ही अपनी चल और अचल सम्पत्ति की घोषणा करनी होगी, चुनाव संबंधी मुकदमों का फैसला महीने भर में होगा।

कोई व्यक्ति दो स्थान से चुनाव नहीं लड़ेगा और न दो बार से अधिक बार मंत्री और न चार बार से अधिक लोकसभा/विधानसभा का सदस्य होगा। पराजित व्यक्ति किसी सार्वजनिक निकाय/सभा का अध्यक्ष या पदाधिकारी न होगा। चुनाव आयोग को और अधिकार होंगे।

 

लोकपाल सार्वजनिक क्षेत्र के सभी व्यक्ति की कार्यविधि की समीक्षा कर सकेंगे। कृषि को प्राथमिकता दी जाएगी। चकबन्दी के साथ सिंचाई के लिए नहरों और नलकूपों का जाल बिछाया जाएगा।

वर्षा-जल के संरक्षण के प्रबंध किए जाएंगे और देश की नदियों को जोड़ा जाएगा ताकि बाढ़ और सूखे का मुकाबला किया जा सके। बाढ़ और सूखा से निजात पाने के लिए ‘बाढ़ एवं सूखा प्राधिकरण’ बनाए जाएंगे।

 

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उद्योग के क्षेत्र में बड़े उद्योगों के साथ लघु उद्योगों पर अधिक ध्यान दिया जएगा और सार्वजनिक क्षेत्र के साथ-साथ निजी क्षेत्र में भी उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित किया जाएगा। बिजली के उत्पादन एवं रेल तथा सड़क-निर्माण पर विशेष बल दिया जाएगा। आधी आबादी अर्थात् महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लोकसभा एवं विधान-सभा में कम-से-कम 40 प्रतिशत स्थान सुनिश्चित किए जाएंगे।

 

देश में अमन-चैन की स्थापना की जिम्मेदारी पुलिस पर होती है, अतएव पुलिस-तंत्र को चुस्त बनाया जाएगा। उसे वे संसाधन उपलब्ध कराए जाएँगे जिनकी सहायता से वह अपराधियों तक आसानी से और जल्दी पहुंच सके, जैसे गाड़ियाँ, वायरलेस सेट आदि। शीर्घ एवं सुगम न्याय-प्रणाली और कठोर दण्ड की व्यवस्था की जाएगी।

प्रत्येक की जिम्मेदारी निश्चित होगी। विदेश-नीति के क्षेत्र में राष्ट्रहित पर ध्यान दिया जाएगा और अणु बम बनाने से परहेज नहीं किया जाएगा। सभी जाति, धर्म और सम्प्रदाय के लोगों के लिए एक ही कानून होगा और राजनीति करने वाले धार्मिक एवं जातीय. समागमों में भाग नही ले सकेंगे।

Mukul Dev

मेरा नाम MUKUL है और इस Blog पर हर दिन नयी पोस्ट अपडेट करता हूँ। उमीद करता हूँ आपको मेरे द्वार लिखी गयी पोस्ट पसंद आयेगी।