Love Shayari English to Hindi | शानदार लव शायरी हिंदी में.!

चूमना क्या उसे आँखों से लगाना कैसा,
फूल जो डाल से गिर जाये तो उठाना कैसा,
अपने होंठों की हरारत से जगाओ मुझको,
यूँ सदाओं से दम-ए-सुबह जगाना कैसा।

तेरे खामोश होंठों पर मोहब्बत गुनगुनाती है,
तू मेरा है मैं तेरा हूँ बस यही आवाज़ आती है।

ये कैसा सिलसिला है तेरे और मेरे दरमियाँ,
फासले तो बहुत हैं मोहब्बत कम नहीं होती।

तेरे नाम से मोहब्बत की है, तेरे एहसास से मोहब्बत की है,
तू मेरे पास नहीं फिर भी, तेरी याद से मोहब्बत की है।

धड़कते हुए दिल का करार हो तुम,
इन सजी महफिलों की बहार तो तुम,
तरसती हुयी निगाहों का इंतज़ार हो तुम,
मेरी जिंदगी का पहला प्यार हो तुम।

एक चाहत है सिर्फ आपके साथ जीने की,
वरना मोहब्बत तो किसी से भी हो सकती है।

तुम्हारी खुशियों के ठिकाने बहुत होंगे मगर,
हमारी बेचैनियों की वजह बस तुम हो।

मैने कब तुझसे ज़माने की खुशी माँगी है,
एक हल्की-सी मेरे लब पे हँसी माँगी है,
सामने तुझको बिठाकर तेरा दीदार करूँ,
जी में आता हैं जी भर के तुझे प्यार करूँ।

जिंदगी बन गए हो तुम मेरी,आरजू बन गए हो तुम मेरी,
मेरा खुदा माफ़ करे मुझे,बंदगी बन गए हो तुम मेरी।

मेरे हाथों की लकीरों में समाने वाले,
कैसे छीनेंगे तुझे मुझसे ज़माने वाले।

किस किस तरह छुपाऊं अब मैं तुम्हें,
मेरी मुस्कान में भी तुम नजर आने लगे हो।

बहके बहके ही अंदाज-ए-बयां होते हैं,
जब आप होते हैं तो होश कहाँ होते हैं।

कभी-कभी एक पल नहीं कटता और,
बेचैनी से भरी मुझे शाम गुजारनी पड़ती है ।

करीब आने से भी डर लगता है,दूर जाने से भी डर लगता है
कैसी असमंजस की घड़ी है,ईश्क़ जताने से भी डर लगता है ।

बचाकर रखना है उन्हें, एक सफेद चादर की तरह ।
दुनिया देखती है इश्क़ को,एक दाग़ी लाल चादर की तरह ।

मोहब्बत में अगर धोखा ना हो तो फिर मोहब्बत क्या,
जो लोहा आग में तपता है वही औज़ार बनता है ।

भरोसा उठ गया मेरा मोहब्बत नाम से ऐसे,
कही जब इश्क़ सुनती हूँ, मुझे गाली सी लगती है ।

भुलाना है उन्हें आसां, खटकती बात इतनी है,
जब बातें इश्क़ की होंगी, उनकी याद बहुत आएगी ।

सही को मैं गलत कह दूं मेरी आदत नही साहब,
गलत को तुम सही कह दो अभी गद्दी तुम्हारी है ।

मेरी आँखों में आने लगे हैं हर वक़्त वो नज़र,
अब आईना भी कहने लगा है…!
कभी तन्हा ‘अंजुम’ हमसे भी मिला कर

मेरी बात पसन्द नहीं तो मेरी बात बदल दो ना,
मैं मांगू जब शराब मेरे माथे पे बोसा रख दो ना ।

मुहब्बत न सही मुकद्दमा ही कर दो मुझ पर……
तारीख़ दर तारीख़ तेरा दीदार तो होगा….