मूल्य वृद्धि की समस्या पर निबंध | Price Rise Essay In Hindi 2022

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आज का यह निबंध मूल्य वृद्धि की समस्या पर निबंध (Price Rise Essay In Hindi) पर दिया गया हैं। आप इस निबंध को ध्यान से और मन लगाकर पढ़ें और समझें। यहां पर दिया गया निबंध कक्षा (For Class) 5th, 6th, 7th, 8th, 9th, 10th और 12th के विद्यार्थियों के लिए उपयुक्त हैं। विद्यार्थी परीक्षा और प्रतियोगिताओं के लिए इस निबंध से मदद ले सकते हैं।

Price Rise Essay In Hindi

 

मूल्य-वृद्धि एक प्रबल समस्या है। हमारे देश में यह एक आम बात है। यह सर्वसाधारण के कमर को तोड़ देता है। मूल्य वृद्धि का अर्थ है वस्तुओं और सामग्रियों की कीमतों में वृद्धि होना। मूल्य-वृद्धि की वजह जो भी हो, इससे आक्रांत साधारण लोग ही होते हैं।  कभी-कभी सरकार मूल्य-वृद्धि करती है। कभी-कभी कालाबाजारी तुच्छ खेल खेलते हैं और सामान गायब हो जाता है। लोगो का जीवन मूल्य वृद्धि की वजह से अस्त व्यस्त हो गया है। यह लोगो के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चूका है।

 

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लोग सामान काला बाजार से खरीदते हैं । वे अधिक कीमत अदा करते हैं। सरकार घड़ियाली आँसू बहाती है और उसे रोकने का भरोसा दिलाती है । लेकिन बढ़े हुए मूल्य ज्यों-के-त्यों रहते हैं। सरकार बाजार को नियंत्रित करने में असफल हो जाती है । साधारण लोग बुरी तरह प्रभावित होते हैं। मूल्य-वृद्धि के अनेक कारण हो सकते हैं। प्राकृतिक आपदा के कारण कभी-कभी उत्पादन घट जाता है। यदि उत्पादन आवश्यकता से कम होता है, तो पूर्ति कम हो जाती है और माँग बढ़ जाती है। स्वाभाविक तौर पर मूल्य बढ़ जाते हैं। सुखाड़ और बाढ़ कम उत्पादन के बड़े कारण हैं।

 

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कभी-कभी परिस्थितियों पर नियंत्रण करने हेतु मूल्य-वृद्धि अवश्यंभावी हो जाता है। लेकिन दोषपूर्ण वितरण-प्रणाली के कारण लोग बुरी तरह प्रभावित होते हैं। कभी-कभी बनावटी सामानों की कमी दिखलायी जाती है और लोगों का शोषण किया जाता है।भारत की बढ़ती जनसंख्या भी एक बड़ी समस्या है। माँग एवं पूर्ति के बीच एक बडी खाई है। इसलिए, बढ़ती जनसंख्या को देखकर कमी का होना वास्तविक प्रतीत होता है। स्वाभाविक रूप से मूल्य-वृद्धि होगी। इन सभी कारणों के बावजूद मूल्य-वृद्धि को रोका जा सकता है।

 

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सरकार लोगों को उचित सहयोग देकर अधिक उत्पादन के लिए उन्हें प्रेरित कर सकती है। सामानों का सही वितरण होना चाहिए। किसी भी कीमत पर कालाबाजारी को रोकना चाहिए। कालाबाजारियों को कठोर दंड मिलना चाहिए। जनसंख्या को रोकने का सभी संभव पर कया जाना चाहिए । जनसंख्या-वृद्धि के खतरा से लोगों को अवगत कराना चाहिए। इसको रोकने के लिए उद्योगों की और अधिक स्थापना की जानी चाहिए।

 

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मूल्य वृद्धि पर नियंत्रण पाना आवश्यक हो गया है। महँगाई विश्वव्यापी समस्या बनते जा रही है। अन्तर्राष्ट्रीय परिस्थितियाँ भी देश में महँगाई के लिए उत्तरदायी हैं। नि:संदेह सरकार मल्य-वृद्धि रोकने का प्रयास कर रही है। सरकर को अच्छी योजना लानी चाहिए जिससे महंगाई जड़ से  मिट सके। इसके लिए सामाजिक चेतना भी जरूरी है। तभी मूल्य वृद्धि कम हो सकती है।

Mukul Dev

मेरा नाम MUKUL है और इस Blog पर हर दिन नयी पोस्ट अपडेट करता हूँ। उमीद करता हूँ आपको मेरे द्वार लिखी गयी पोस्ट पसंद आयेगी।