गणतंत्र दिवस पर निबंध हिंदी में | Republic Day Essay in Hindi

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आज का यह निबंध गणतंत्र दिवस पर निबंध हिंदी में (Republic Day Essay in Hindi 2021) पर दिया गया हैं आप Essay on Republic Day in Hindi को ध्यान से और मन लगाकर पढ़ें और समझें। यहां पर दिया गया निबंध कक्षा (For Class) 5th, 6th, 7th, 8th, 9th, 10th और 12th के विद्यार्थियों के लिए उपयुक्त हैं। विद्यार्थी परीक्षा और प्रतियोगिताओं के लिए इस निबंध से मदद ले सकते हैं।

Republic Day Essay in Hindi 2021

गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) का भारतवासियों के जीवन में महत्त्वूपर्ण स्थान है। सदियों की गुलामी से त्रस्त देशभक्तों ने अंग्रेजी सत्ता के विरुद्ध स्वतंत्रता का शंखनाद किया। लाखों के बलिदान के पश्चात् दासता से मुक्ति मिली और गणतंत्र की स्थापना इसी दिन हुई।

 

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स्वतंत्रता संघर्ष के दौरान अनेक नाजुक क्षण आए। किंतु गाँधीजी ने स्वाधीनता संग्राम को नया आयाम दिया। इसी बीच सन् 1929 ई. में पवित्र रावी के तट पर लाहौर अधिवेशन में तत्कालीन काँग्रेस अध्यक्ष पं. जवाहरलाल नेहरू ने पूर्ण स्वराज्य की घोषण की। तभी से उस दिन (26 जनवरी) स्वतंत्रता दिवस मनाया जाने लगा। किन्तु 1947 ई. में आजादी के बाद जब संविधान बना और वयस्क मताधिकार अंगीकृत हुआ तो 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। गवर्नर जेनरल का पद समाप्त कर राष्ट्रपति पद की व्यवस्था की गई और 26 जनवरी, 1950 ई. को डा. राजेन्द्र प्रसाद प्रथम राष्ट्रपति बने।

 

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भारत में इस दिन का उतना ही महत्त्वपूर्ण स्थान है। जितना कि होली, दीपावली का हिन्दुओं के लिए, क्रिसमस का ईसाइयों के लिए तथा ईद, मुहर्रम, मुसलमानों के लिए। 26 जनवरी के दिन देश के सभी राज्यों की राजधानियों में बड़ी धूमधाम से विशेष समारोह आयोजित होते हैं। देश की राजधानी दिल्ली में राष्ट्रपति राष्ट्रध्वज फहराते हैं और सेना की टुकड़ियाँ सलामी देती हैं। फिर रंगारंग झाँकियाँ निकलती हैं जिनमें देश की प्रगति की झलक होती है। समाज और सेना के विभिन्न क्षेत्रों में महत्त्वपूर्ण कार्य करने वालों के लिए पद्म अलंकारों की घोषणा होती है और बहादुर बच्चे एवं सैनिक सम्मानित किए जाते हैं।

 

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राज्यों की राजधानियों में राज्यपाल ध्वजारोहण करते हैं और सैनिक टुकड़ियाँ, छात्रवाहनियाँ सलामी देती हैं। रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं। राष्ट्रसेवा के लिए व्रत लिया जाता है। अतः हमें सतत् ध्यान रखना चाहिए। इस पवित्र तिथि का उद्देश्य कभी भी धूमिल न होने पावे और हम अपने गणतंत्र की बागडोर वैसे सच्चे प्रतिनिधि को ही सौंपें जिनसे देश का कल्याण हो।

Mukul Dev

मेरा नाम MUKUL है और इस Blog पर हर दिन नयी पोस्ट अपडेट करता हूँ। उमीद करता हूँ आपको मेरे द्वार लिखी गयी पोस्ट पसंद आयेगी।