गणतंत्र दिवस पर शायरी | Republic Day Shayari Hindi 2022

रिपब्लिक डे शायरी इन हिंदी, रिपब्लिक डे की शायरी, रिपब्लिक डे पर शायरी, गणतंत्र दिवस की शायरी, गणतंत्र दिवस पर शायरी, 26 जनवरी पर शायरी, 70वाँ गणतंत्र दिवस मुबारक शायरी, गणतंत्र दिवस बधाई सन्देश, शायरी, मैसेज, गणतंत्र दिवस पर भाषण आदि।

Republic Day Shayari Hindi 2022, Republic Day ki Shayari, Republic day special shayari hindi me, Republic day hindi shayari, Gantantra diwas ki shayari, Gantantra diwas par shayari, Republic day wishing shayari, wishes, messages, quotes, poem, sms, status in hindi.

Republic Day Shayari Hindi 2022

इतनी सी बात हवाओं को बताए रखना,
रोशनी होगी चिरागों को जलाए रखना,
लहू देकर की है जिसकी हिफाजत हमने,
ऐसे तिरंगे को हमेशा अपने दिल में बसाए रखना.
जय हिंद जय भारत..

 

मैं भारत वर्ष का हरदम सम्मान करता हूं,
यहां की चांदनी मिट्टी का गुणगान करता हूं,
मुझे चिंता नहीं है स्वर्ग जाकर मोक्ष पाने की,
तिरंगा हो कफ़न मेरा बस यही अरमान करता हूं.

 

चलो फिर से खुद को जगाते हैं…
अनुशासन का डंडा फिर घुमाते हैं…
सुनहरा रंग है गणतंत्र का शहीदों के लहू से…
ऐसे शहीदों को हम सब सर झुकाते हैं।
गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं!

 

चलो फिर से आज वह नज़ारा याद कर ले,
शहीदों के दिल में थी वो ज्वाला याद करले,
जिसमे बहकर आज़ादी पहुंची थी किनारे पे,
देशभक्तो के खून की वो धारा याद करले..

 

चलो फिर से खुद को जागते है,
अनुसासन का डंडा फिर घुमाते है,
सुनहरा रंग है गणतंत्र का सहिदो के लहू से,
ऐसे सहिदो को हम सब सर झुकाते है.
आपको गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें.

 

दाग गुलामी का धोया है जान लुटा कर,
दीप जलाये है कितने दीप भुझा कर,
मिली है जब यह आज़ादी तो फिर इस आज़ादी को…
रखना होगा हर दुश्मन से आज बचाकर ..
|| हैप्पी रिपब्लिक डे ||

 

जमाने भर में मिलते है आशिक कई,
जमाने भर में मिलते है आशिक कई,
मगर वतन से खुबसूरत कोई सनम नही होता ||

 

भारत के गणतंत्र का, सारे जग में मान,
दशकों से खिल रही, उसकी अद्भुत शान,
सब धर्मो को देकर मान रचा गया इतिहास का,
इसलिए हर देशवासी को इसमें है विश्वास.
|| गणतंत्र दिवस की ढ़ेरो शुभकामनाए ||

 

आओ झुक कर सलाम करे उनको,
जिनके हिस्से में ये मुकाम आता है,
खुशनसीब होता है वो खून जो देश के काम आता है !!

 

खुशनसीब है वो जो वतन पर मिट जाते है,
मर कर भी वो लोग अमर हो जाते हैं,
करता हूँ उन्हें सलाम ए वतन पर मिटने वालों
तुम्हारी हर साँस में बसता तिरंगे का नसीब है ||

 

इतनी सी बात हवाओ को बताये रखना,
रौशनी होगी विरागो को जलाए रखना,
लहू देकर की है जिसकी हिफाजत हमने,
ऐसे तिरंगे को हमेशा अपने दिल में बसाए रखना.
|| जय हिन्द जय भारत ||

 

मै भारत बरस का हरदम अमित सम्मान करता हूँ,
यहाँ की चांदनी मिट्टी का ही गुणगान करता हूँ,
मुझे चिंता नही है स्वर्ग जाकर मोक्ष पाने की,
तिरंगा हो कफ़न मेरा, बस यही अरमान रखता हूँ ||

 

आजाद की कभी शाम नहीं होने देंगें,
शहीदों की कुर्बानी बदनाम नहीं होने देंगें,
बची हो जो एक बूंद भी गरम लहू की,
तब तक भारत माता का आँचल नीलाम नहीं होने देंगें!
गणतंत्र दिवस मुबारक हो!

 

जिस देश में पैदा हुए हो तुम…
उस देश के अगर तुम भकत नहीं…
नहीं पिया दूध माँ का तुमने और बाप का तुम में रक्त नहीं…
वन्देमातरम !! गणतंत्र दिवस मुबारक हो!

 

खुशनसीब है वो जो वतन पर मिट जाते है,
मर कर भी वो लोग अमर हो जाते हैं,
करता हूँ उन्हें सलाम ए वतन पर मिटने वालों तुम्हारी
हर साँस में बसता तिरंगे का नसीब है ||

 

वतन हमारा ऐसा कोई ना छोड पाये,
रिश्ता हमारा ऐसा कोई न तोड़ पाये,
दिल एक है जान एक है हमारी,
हिन्दुस्तान हमारा है यह शान हैं हमारी…
गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें..

 

भूख, गरीबी, लाचारी को, इस धरती से आज मिटायें,
भारत के भारतवासी को, उसके सब अधिकार दिलायें
आओ सब मिलकर नये रूप में गणतंत्र मनायें.
|| गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें ||

 

मेरे हर कतरे-कतरे में, हिन्दुस्थान लिख देना,
और जब मोत हो, तन पे, तीरंगे का कफन देना,
यही खुवाहिश खुदा हर जन्म हिन्दुस्तान वतन देना,
अगर देना तो दिल में देशभक्ति का चलन देना.

 

ना मरो सनम बेवफा के लिए,
ना मरो सनम बेवफ़ा के लिए.
2 गज जमीन नही मिलेगी दफन के लिए,
मरना है तो मरो अपने वतन के लिए,
मरना है तो मरो अपने वतन के लिए,
हसीना भी दुपट्टा उतार देगी कफ़न के लिए ||

 

यही खुवाहिश खुदा हर जन्म हिन्दुस्तान वतन देना,
अगर देना तो दिल में देशभक्ति का चलन देना,
न दे दोलत न दे शोहरत, कोई शिकवा नही हमको,
झुका दूँ सर मै दुश्मन का यही हिम्मत का घन देना,
अगर देना तो दिल में देशभक्ति का चलन देना.

 

ना सरकार मेरी है ना रौब मेरा है,
ना बड़ा सा नाम मेरा है,
मुझे तो एक छोटी सी बात का गर्व है,
मैं हिंदुस्तान का हूं और हिंदुस्तान मेरा है…

 

ज़माने भर में मिलते हैं आशिक कई,
मगर वतन से खूबसूरत कोई सनम नहीं होता,
नोटों में भी लिपट कर,
सोने में सिमटकर मरे हैं कई,
मगर तिरंगे से खूबसूरत कोई कफ़न नहीं होता..
गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं!