150+ Shayari on Rishta in Hindi | रिश्ते पर शायरी हिन्दी मे

Shayari on Rishta in Hindi | रिश्ते पर शायरी इन हिन्दी | Relationship Shayari in Hindi | खूबसूरत रिश्ते शायरी | Best shayari on rishta in hindi | रिश्ते शायरी 2 लाइन | Rishta shayari images in hindi | रिश्ते पर शायरी और स्टेटस | Rishta poetry in hindi | Dosti ka rishta shayari in hindi | रिश्ते पर शायरी हिन्दी मे.!

Shayari on Rishta in Hindi

रिश्ता वो नही जिसमे जीत और हार हो,
रिश्ता वो नही जिसमे इज़हार और इनकार हो,
रिश्ता तो वो है जिसमे एक रुठने मे एक्सपर्ट हो,
तो दूसरा मनाने मे परफेक्ट हो…

 

सबसे सुंदर रिश्ता आँखों का होता है,
एक साथ खुलते है, एक साथ बंद होते है,
एक साथ रोते है, और वो भी जीवन भर एक
दूसरे को देखे बिना…

 

कोशिश करो कि कोई तुम से ना रूठे,
ज़िंदगी में अपनों का कभी साथ ना छूटे,
रिश्ता कोई भी हो उसे ऐसे निभाओ,
कि उस रिश्ते की डोर ज़िंदगी भर ना टूटे।

 

किसी भी रिश्ते को तोडने से पहले,
एक बार अपने आप से जरूर पूछ लिजियेगा की,
आज तक उस रिश्ते को निभा क्यो रहे थे…

 

कुछ खुबसूरत पल याद आते है,
पलकों पर आँसू छोड जाते है,
कल कोई और मिले ना मिले हमे ना भूलना,
क्योंकी कुछ रिश्ते जिंदगी भर याद आते है…

 

Shayari on Rishta in Hindi

 

आशाए ऎसी हो जो मंजील तक ले जाए,
मंजील ऎसी हो जो जीवन जीना सिखा दे,
जीवन ऎसा हो जो रिश्तों की कदर करे,
और रिश्ते ऎसे हो जो याद करने को मजबूर कर दे…

 

दिन बीत जाते है कहानी बनकर,
यादें रह जाती है निशानी बनकर,
पर रिश्ते हमेशा रहते है,
कभी ओंठो की मुस्कान बनकर,
तो कभी आँखों का पानी बनकर…

 

दुनिया का सबसे बेहतरीन रिश्ता वही होता है,
जहा एक हलकी सी मुस्कुराहट और छोटी सी माफी से,
जिंदगी दोबारा पहले जैसी हो जाती है…

 

रिश्ते कभी जिंदगी के साथ साथ नहीं चलते;
रिश्ते एक बार बनते हैं और फिर जिंदगी रिश्तों
के साथ साथ चलती है।

 

मैंने रिश्तों को संभाला है मोतियों की तरह,
कोई गिर भी जाये तो झुक कर उठा लेता हूँ।

 

Shayari on Rishta in Hindi

 

खूबसूरत सा एक पल किस्सा बन जाता है,
जाने कब कौन ज़िंदगी का हिस्सा बन जाता है;
कुछ लोग ज़िंदगी में मिलते हैं ऐसे,
जिनसे कभी ना टूटने वाला रिश्ता बन जाता है।

 

रिश्ते कभी जिंदगी के साथ साथ नहीं चलते,
रिश्ते एक बार बनते हैं,
फिर जिंदगी रिश्तों के साथ साथ चलती है।

 

कुछ रिश्तों में इंसान अच्छा लगता है और
कुछ इंसानों से रिश्ता अच्छा लगता है।

 

अपने रिश्तों को बारिश की तरह न बनाये,
जो आये और चली जाये;
बल्कि रिश्ते ऐसे बनाये जो हवा की तरह
हमेशा आपके अंग संग रहें।

 

पानी से तस्वीर कहाँ बनती है;
ख्वाबों से तकदीर कहाँ बनती है;
किसी भी रिश्ते को सच्चे दिल से निभाओ;
क्योंकि ये ज़िन्दगी फिर वापस कहाँ मिलती है।

 

Shayari on Rishta in Hindi

 

करीब इतना रहो कि सब रिश्तों में प्यार रहे;
दूर भी इतना रहो कि आने का इंतज़ार रहे;
रखो उम्मीद रिश्तों के दरमियान इतनी;
कि टूट जाये उम्मीद मगर रिश्ते बरक़रार रहें।

 

अकसर वही रिश्ता लाजवाब होता है,
जो ज़माने से नहीं ज़ज़्बातों से जन्मा होता है।

 

जो कोई समझ न सके वो बात हैं हम;
जो ढल के नयी सुबह लाये वो रात हैं हम;
छोड़ देते हैं लोग रिश्ते बनाकर;
जो कभी न छूटे वो साथ हैं हम।

 

खामोश चेहरे पर हज़ारों पहरे होते हैं;
हँसती आँखों में भी ज़ख़्म गहरे होते हैं;
जिनसे अक्सर रूठ जाते हैं हम;
असल में उनसे ही तो रिश्ते और गहरे होते हैं।

 

Shayari on Rishta in Hindi

 

साथ रहते-रहते यूँ ही वक़्त गुजर जायेगा;
दूर होने के बाद कौन किसे याद आएगा;
जी ले ये पल जब हम साथ हैं;
कल का क्या पता वक़्त कहाँ ले जायेगा।

 

रिश्ते और रास्ते एक ही सिक्के के दो पहलू हैं;
कभी रिश्ते निभाते निभाते रास्ते खो जाते हैं;
और कभी रास्ते पर चलते चलते रिश्ते बन जाते हैं।

 

कुछ मीठे पल याद आते हैं;
पलकों पर आँसू छोड़ जाते हैं;
कल कोई और मिल जाये तो हमें न भूलना;
क्योंकि कुछ रिश्ते उम्र भर काम आते हैं।

 

ना छुपाना कोई बात दिल में हो अगर;
रखना थोड़ा भरोसा हम पर;
हम निभाएंगे प्यार का यह रिश्ता इस कदर;
कि भुलाने पर भी ना भुला पाओगे हमें ज़िंदगी भर।

 

रिश्ते काँच की तरह होते हैं;
टूटे जाए तो चुभते हैं;
इन्हे संभालकर हथेली पर सजाना;
क्योंकि इन्हें टूटने मे एक पल;
और बनाने मे बरसो लग जाते हैं।

 

Shayari on Rishta in Hindi

 

जीवन में ज़ख़्म बड़े नहीं होते,
उनको भरने वाले बड़े होते हैं;
रिश्ते बड़े नहीं होते लेकिन उनको निभाने
वाले लोग बड़े होते हैं।

 

कोशिश करो कि कोई तुम से ना रूठे;
ज़िंदगी में अपनों का कभी साथ ना छूटे;
रिश्ता कोई भी हो उसे ऐसे निभाओ;
कि उस रिश्ते की डोर ज़िंदगी भर ना टूटे।

 

यादें अक्सर होती हैं सताने के लिए;
कोई रूठ जाता है फिर मान जाने के लिए;
रिश्ते निभाना कोई मुश्किल तो नहीं;
बस दिलों में प्यार चाहिए उन्हें निभाने के लिए।

 

छोटी सी बात पे लोग रूठ जाते हैं;
हाथ उनसे अनजाने में छूट जाते हैं;
कहते हैं बड़ा नाज़ुक है अपनेपन का यह रिश्ता;
इसमें हँसते-हँसते भी दिल टूट जाते हैं।

 

रिश्तों की ही दुनिया में अक्सर ऐसा होता है;
दिल से इन्हें निभाने वाला ही अक्सर रोता है;
झुकना पड़े तो झुक जाना अपनों के लिए;
क्योंकि हर रिश्ता एक नाज़ुक समझौता होता है।

 

Shayari on Rishta in Hindi

 

रिश्तों का विश्वास टूट ना जाये;
दोस्ती का साथ कभी छूट ना जाये;
ऐ खुदा गलती करने से पहले संभाल लेना मुझे;
कहीं मेरी गलती से मेरा कोई अपना रूठ ना जाये।

 

यादें अक्सर होती हैं सताने के लिए;
कोई रूठ जाता है फिर मान जाने के लिए;
रिश्ते निभाना कोई मुश्किल तो नहीं;
बस दिलों में प्यार चाहिए उसे निभाने के लिए।

 

लोग झूठ कहते हैं कि दीवारों में दरारें पड़ती हैं;
हक़ीक़त तो यह है कि जब रिश्तों में दरारें पड़ती हैं
तब दीवारें बनती हैं।

 

रिश्ते खून के नहीं होते, रिश्ते एहसास के होते हैं;
अगर एहसास हो तो अजनबी भी अपने होते हैं;
और अगर एहसास ना हो तो अपने भी अजनबी हो
जाते हैं।

 

दिल से बने रिश्तों का नाम नहीं होता;
इनका कभी भी निरर्थक अंजाम नहीं होता;
अगर निभाने का हो जज्बा दोनों तरफ;
तो ये पाक रिश्ता कभी बदनाम नहीं होता।

 

Shayari on Rishta in Hindi

 

लगे न नज़र इस रिश्ते को ज़माने की;
पड़े न ज़रुरत कभी एक-दूजे को मनाने की;
छोड़ना न कभी आप हमारा ये साथ;
तमन्ना हमारी भी है इसे मौत तक निभाने की।

 

ज़िंदगी नहीं हमें ये रिश्ता है प्यारा;
रिश्तों के प्यार से ही खिलता है दिल हमारा;
आँखों में हमारी आँसू है तो क्या गम है;
इस बात की ख़ुशी है कि मुस्कुरा रहा है कोई
जान से प्यारा।

 

यादें अक्सर होती हैं सताने के लिए;
कोई रूठ जाता है फिर मान जाने के लिए;
रिश्ते निभाना कोई मुश्किल तो नहीं;
बस दिलों में प्यार चाहिए उसे निभाने के लिए।

 

खूबसूरत सा एक पल किस्सा बन जाता है;
जाने कब कौन ज़िंदगी का हिस्सा बन जाता है;
कुछ लोग ज़िंदगी में मिलते हैं ऐसे;
जिनसे कभी ना टूटने वाला रिश्ता बन जाता है।

 

रिश्ते इलेक्ट्रिक करंट की तरह होते हैं,
गलत जुड़ जायें तो ज़िन्दगी भर झटके देते हैं,
और अगर सही जुड़ जायें तो आपका पूरा
जीवन प्रकाशमान कर देते हैं।

 

मशहूर होना पर कभी मगरूर न होना;
कामयाबी के नशे में कभी चूर न होना;
अगर मिल भी जाये सारी कायनात आपको;
अपनों से फिर भी कभी दूर न होना।