Two Line Alfaaz Shayari in Hindi for Girlfriend

Two Line Alfaaz Shayari in Hindi | बेहद रोमांटिक अल्फाज शायरी | Two Line Alfaaz Quotes in Hindi | Two Line Romantic Status in Hindi | दो लाइन शायरी और स्टेटस.

Two Line Alfaaz Shayari in Hindi

हम चाह कर भी तुमसे ज्यादा देर तक नाराज नही रह सकते,
क्योंकि तुम्हारी प्यारी सी मुस्कान में मेरी जान बसती है।

अब कोई ख्वाब नया दिल में उतरता ही नहीं,
बहुत ही सख्त पहरा है तुम्हारी चाहत का…

गर्मी की पहली-पहली बारिश सी तुम…
रूह ख़ुश हो जाती है, तुम्हारे आने से…

रात भर करता रहा तेरी तारीफ़ चाँद से,
चाँद इतना जला की सुबह तक सूरज हो गया..

उनकी आँखों में लगा है सुरमा ऐसे जैसे,
चाकू पर लगायी हो धार किसी ने…!!

खुदा करे, सलामत रहैं दोनों हमेशा.!!
एक तुम और दूसरा मुस्कुराना तुम्हारा…!!

जब से तुम्हे देखा है किसी और को देखने
का मन ही नहीं करता।

ज़िन्दगी में हर कदम पर मुश्किल है,
दिल को समझने की आदत डाल लो अपनी सही है।

हुई जो तेरे होंठो की तलब,
हमने खिलता हुआ गुलाब चूम लिया!!

उसने होठों से छू कर दरिया का पानी गुलाबी
कर दिया, हमारी तो बात और थी,
उसने मछलियों को भी शराबी कर दिया।

यूँ तो पीने से कर चुके है तौबा, पर,
तेरे होठों का रंग देखा, और नीयत बदल गई…

न जाने क्या मासूमियत है तेरे चेहरे पर,
तेरे सामने आने से ज्यादा,
तुझे छुपकर देखना अच्छा लगता है!

मैंने कहा बहुत प्यार आता है तुम पर,
वो मुस्कुरा कर बोले, और तुम्हे आता ही क्या है।

वो पिला कर जाम लबों से अपनी मोहब्बत का,
अब कहते है, नशे की आदत अच्छी नहीं होती!

बदलने का हुनर तो हम भी रखते हैं,
बस दिल की बात कहने की ताकत नहीं रखते हैं।

सुना है तुम ले लेते हो हर बात का बदला,
आजमाएंगे कभी तुम्हारे लबों को चूम कर!!

तेरी याद से बचकर कहाँ जाएँ,
दिल धड़कता है तो साँसें थम जाती हैं।

अफ़ीमी आखें, शर्बती गाल, और शराबी लब,
खुदा ही जाने नशे में तुम हो या तुममें नशा।

बहक न जाये कहीं लौ की नीयत,
होठों से दिया तु बुझाया न कर।

मेरी बाहों में बहकने की सज़ा भी सुन ले,
अब बहुत देर से आजाद करूँगा तुझे।

दिल में जगह नहीं होती हर किसी के लिए,
जो खुशियाँ बाँट लेते हैं वो खुद उदास रहते हैं।

दिल की क्या औकात आपके सामने,
हम तो जान भी दे देंगे आपको पाने के लिये!

हर सोच में बस एक ख्याल, तेरा आता है!
लब जरा से हिलते नहीं की, नाम तेरा आता है!

अब कोई ख्वाब नया दिल में उतरता ही नहीं,
बहुत ही सख्त पहरा है तुम्हारी चाहत का!!

आजा तुझे आसमान में ले चलूँ,
चाँद को उसकी औकात दिखाने।

तुम जिन्दगी में आ तो गये हो मगर ख्याल रखना,
हम ‘जान’ तो दे देते हैं, मगर ‘जाने’ नहीं देते.

हम अपनी दिलपसंद पनाहों में आ गए,
जब हम सिमट के आपकी बाहों में आ गए…

चलो सिक्का उछाल के कर लेते हैं फैसला आज,
चित आये तो तुम मेरे और पट आये तो हम तेरे.

एक शर्त पर खेलूँगा ये प्यार की बाज़ी,
मैं जीतू तो तुझे पाऊँ,और हारूँ तो तेरा हो जाऊ…

ग़ज़ल लिखी हमने उनके होंठों को चूम कर,
वो ज़िद्द कर के बोले फिर से सुनाओ’…

दिल में है जो बात किसी भी तरह कह डालिए,
ज़िन्दगी ही ना बीत जाए कहीं बताने मे…

आये हो जो आँखों में कुछ देर ठहर जाओ,
एक उम्र गुजरती है एक ख्वाब सजाने में..

अच्छा लगता है तेरा नाम मेरे नाम के साथ,
जैसे कोई सुबह जुडी हो किसी हसीन शाम के साथ..!!

एक लाइन में क्या तेरी तारीफ लिखूँ,
पानी भी जो देखे तुझे तो, प्यासा हो जाए!

हम भी मौजूद थे, तकदीर के दरवाजे पे!
लोग दौलत पर गिरे, हमने तुझे मांग लिया!

आप और आपकी हर बात मेरे लिए ख़ास है,
यही शायद प्यार का पहला एहसास है।

हुस्न दिखा कर भला कब हुई है मोहब्बत,
वो तो काजल लगा कर हमारी जान ले गयी।

सुना है कि तेरी एक नज़र से ही लोग फ़ना हो जाते हैं…
मुझ गरीब को भी, एक निग़ाह देख लो…

क्या लिखूँ तेरी सूरत-ए -तारीफ मे, मेरे हमदम..
अल्फाज खत्म हो गये है, तेरी अदाएँ देख-देख के…

अंदाज अपना देखते हैं आईने में वो,
और ये भी देखते हैं कोई देखता न हो।

मिलने का वादा तो उनकी जुबां से यूँ ही निकल गया,
हम ने पूछी जगह..???
तो हंसकर बोली ख़्वाब में आ जाना…

मुकम्मल इश्क़ तब होता है,
जब इश्क़ की बाहों में ख़ुद इश्क़ होता है…

उलझा रही है मुझको, यही कश्मकश आजकल!
तू आ बसी है मुझमें, या मैं तुझमें कहीं खो गया हूँ!

तेरी खूबसूरती जैसे बारिश के बाद
पत्तों पे ठहरा हुआ पानी।

धड़कनों को कुछ तो काबू कर ऐ दिल,
अभी तो पलकें झुकाई है, मुस्कुराना बाकी है उनका…!!

क्या लिखूं तेरे बारे में मेरी मोहब्बत…
कलम भी शरमा जाती है तेरी तारीफ़ में…

चेहरा हसीन गुलाबों से मिलता जुलता है!
नशा पीने से ज्यादा तुमको देखने से चढ़ता है!!

मेने जब भी जाने की इजाजत मांगी,
उन्होंने जुबान से हाँ कह के, निगाहों से रोक लिया।

क्या बताऊं यार तुझको, प्यार मेरा कैसा है,
चांद सा नही है वो, चांद उसके जैसा है।

उसने पुछा के सबसे ज्यादा क्या पसन्द है तुम्हे !
हम बहुत देर तक उसे देखते रहे के शायद वो समझ जाये !!

सरक गया जब उसके रुख से पर्दा अचानक,
फ़रिश्ते भी कहने लगे, काश हम इंसान होते।

अंगड़ाई लेके अपना मुझ पर जो खुमार डाला,
सनम की इस अदा ने बस मुझको मार डाला।

मेरी ज़िंदगी मेँ खुशियाँ, तुम्हारे बहाने से है..!!
आधी तुम्हें सताने से है, आधी तुम्हें मनाने से है..!!

तेरे खामोश होठों पर मोहब्बत गुन-गुनाती है,
तू मेरी है मैं तेरा हूँ बस यही आवाज़ आती है।

तेरे हुस्न को परदे कि जरुरत क्या है,
कौन रहता है होश में तुझे देखने के बाद।

हँसते हुए तुझको जब भी देखता हूँ मैं,
तू ही दुनिया है मेरी, यही सोचता हूँ मैं।

हमे कहाँ मालूम था की इश्क होता क्या है ..!!
बस एक तुम मिले और ज़िन्दगी मोहब्बत बन गयी..!!

बस इतना ही कहा था की बरसों के प्यासे हैं हम,
उसने होठों पे होंठ रख के.. खामोश कर दिया।

मैं डर रहा हूँ तुम्हारी नशीली आँखों से,
लूट लें न किसी रोज कुछ पीला के मुझे..!!

तेरे इश्क में इस तरह मैं नीलाम हो जाऊं!
आख़री हो तेरी बोली और मैं तेरे नाम हो जाऊं!!

तुम आए तो मेरे इश्क में, अब बरकत होने लगी है…
चुपचाप रहता था दिल मेरा, अब हरकत होने लगी है…

कैसे कहूं की इस दिल के लिए कितने
ख़ास हो तुम,फासले तो क़दमों के है पर,
हर वक्त दिल के पास हो तुम..

हुस्न वालो को संवरने की जरुरत क्या है,
वो तो सादगी में भी कयामत की अदा रखते हैं।