Yaad Shayari Urdu in Hindi | अपनों की याद शायरी हिंदी में

बदली सावन की कोई जब भी बरसती होगी,
दिल ही दिल में वह मुझे याद तो करती होगी,
ठीक से सो न सकी होगी कभी ख्यालों से मेरे,
करवटें रात भर बिस्तर पे बदलती होगी।

 

यादों को भुलाने में कुछ देर तो लगती है,
आँखों को सुलाने में कुछ देर तो लगती है,
किसी शख्स को भुला देना इतना आसान नहीं,
दिल को समझाने में कुछ देर तो लगती है।

 

खुशबू की तरह आया वो तेज हवाओं में,
माँगा था जिसे हमने दिन रात दुआओं में,
तुम छत पे नहीं आये मैं घर से नहीं निकला,
ये चाँद बहुत भटका सावन की घटाओं में।

 

चाँद के बिना अँधेरी रात रह जाती है,
साथ एक हसीन सी मुलाकात रह जाती है,
सच है कि जिंदगी कभी रूकती नहीं,
वक़्त निकल जाता है और याद रह जाती है।

 

अब ये भी नहीं ठीक कि हर दर्द मिटा दें,
कुछ दर्द तो कलेजे से लगाने के लिए हैं।
यह इल्म का सौदा, ये रिसाले, ये किताबें,
इक शख्स की यादों को भुलाने के लिए है।

 

ज़िक्र उनका ही आता है मेरे फ़साने में,
जिनको जान से ज्यदा चाहते थे हम किसी ज़माने में।
तन्हाई में उनकी ही याद का सहारा मिला,
जिनको नाकाम रहे हम भुलानें में।

 

कितनी जल्दी ये मुलाकात गुजर जाती है,
प्यास बुझती नहीं बरसात गुजर जाती है,
अपनी यादों से कहो कि यूँ न सताया करें,
नींद आती नहीं और रात गुजर जाती है।

 

कुछ लोग भूल के भी भुलाये नहीं जाते,
ऐतबार इतना है कि आजमाये नहीं जाते,
हो जाते हैं दिल में इस तरह शामिल कि,
उनके ख्याल भी दिल से मिटाये नहीं जाते।

 

अब उदास होना भी अच्छा लगता है,
किसी का पास न होना भी अच्छा लगता है,
मैं दूर रह कर भी किसी की यादों में हूँ,
ये एहसास होना भी अच्छा लगता है।

 

तपिश से बच कर घटाओं में बैठ जाते हैं,
गए हुए की सदाओं में बैठ जाते हैं,
हम इर्द-गिर्द के मौसम से जब भी घबराये,
तेरे ख्याल की छांव में बैठ जाते हैं।

 

वो वक़्त वो लम्हे कुछ अजीब होंगे,
दुनिया में हम खुश नसीब होंगे,
दूर से जब इतना याद करते है आपको,
क्या होगा जब आप हमारे करीब होंगे?

 

जिससे चाहा था बिखरने से बचा ले मुझको,
कर गया तेज हवाओं के हवाले मुझ को,
मैं वो बुत हूँ कि तेरी याद मुझे पूजती है,
फिर भी डर है ये कहीं तोड़ न डाले मुझको।

 

किसने कह दिया आपकी याद नहीं आती,
बिना याद किये कोई रात नहीं जाती,
वक्त बदल जाता है, आदत नहीं जाती,
आप खास हो ये बात कही नहीं जाती।

 

आपकी धड़कन से ही है रिश्ता हमारा,
आपकी साँसों से ही है नाता हमारा,
भूल कर भी कभी भूल न जाना हमें,
आपकी यादों के सहारे हैं जीना हमारा।

 

जब रात को आपकी याद आती है,
सितारों में आपकी तस्वीर नज़र आती है,
खोजती है निगाहें उस चेहरे को,
याद में जिसकी सुबह हो जाती है।

 

याद करेंगे तो दिन से रात हो जायेगी,
आईने को देखिये हमसे बात हो जायेगी,
शिकवा न करिए हमसे मिलने का,
आँखे बंद कीजिये मुलाकात हो जायेगी।

 

मंजर भी बेनूर थे और फिजायें भी बेरंग थी,
तुम्हारी याद आई और मौसम सुहाना हो गया।

 

हम तस्लीम करते हैं हमें फुर्सत नहीं मिलती,
मगर जब याद करते हैं ज़माना भूल जाते हैं।

 

साँस थम जाती है पर जान नहीं जाती,
दर्द होता है पर आवाज़ नहीं आती,
अजीब लोग हैं इस ज़माने में ऐ दोस्त,
कोई भूल नहीं पाता और किसी को याद नहीं आती।

 

ये आरज़ू नहीं कि किसी को भुलाये हम,
तमन्ना नहीं है कि किसी को रुलाये हम,
बस जिसको जितना याद करते है,
उसे भी उतना ही याद आये हम।

 

कस्तियाँ रह जाती हैं तूफान चले जाते हैं,
याद रह जाती है इंसान चले जाते हैं,
प्यार कम नहीं होता किसी के दूर जाने से,
बस दर्द होता है उनकी याद आने से।

 

न वो आ सके न हम कभी जा सके,
न दर्द दिल का किसी को सुना सके,
बस बैठे हैं उनकी यादों में खोये हुए,
न उन्होंने याद किया और न हम भुला सके।

 

तड़पते हैं न रोते हैं न हम फ़रियाद करते हैं,
सनम की याद में हरदम खुदा को याद करते हैं,
उन्हीं के इश्क़ में हम नाला-ओ-फरियाद करते हैं,
इलाही देखिये किस दिन हमें वो याद करते हैं।

 

दिल की हालत बताई नहीं जाती,
हमसे उनकी चाहत छुपाई नहीं जाती,
बस एक याद बची है उनके जाने के बाद,
वो याद भी दिल से मिटाई नहीं जाती।

 

उसे जब याद आएगा वो पहली बार का मिलना,
तो पल पल याद रखेगा या सब कुछ भूल जायेगा,
उसे जब याद आएगा गुजरे मौसम का हर लम्हा,
तो खुद ही रो पड़ेगा या खुद ही मुस्कुराएगा।

 

जब से तेरी चाहत अपनी ज़िन्दगी बना ली है,
हम ने उदास रहने की आदत बना ली है,
हर दिन हर रात गुजरती है तेरी याद में,
तेरी याद हमने अपनी इबादत बना ली है।

 

मिला हूँ ख़ाक में ऊँची मगर औकात रखी है,
तुम्हारी बात थी आखिर तुम्हारी बात रखी है,
भले ही पेट की खातिर कहीं दिन बेच आया हूँ,
तुम्हारी याद की खातिर भी पूरी रात रखी है।

 

नशा जरूरी है ज़िन्दगी के लिए,
पर सिर्फ शराब ही नहीं है बेखुदी के लिए,
किसी की मस्त निगाहों में डूब जाओ,
बड़ा हसीं समंदर है ख़ुदकुशी के लिए।

 

महकता हुआ जिस्म तेरा गुलाब जैसा है,
नींद के सफर में तू एक ख्वाब जैसा है,
दो घूँट पी लेने दे आँखों के इस प्याले से,
नशा तेरी आँखों का शराब जैसा है।

 

उठती नहीं है आँख किसी और की तरफ,
पाबन्द कर गयी है किसी की नजर मुझे,
ईमान की तो ये है कि ईमान अब कहाँ,
काफ़िर बना गई तेरी काफ़िर-नज़र मुझे।

 

कुछ खूबसूरत पलों की महक सी हैं तेरी यादें,
सुकून ये भी है कि ये कभी मुरझाती नहीं।

 

कहेगा झूठ वो हमसे तुम्हारी याद आती है,
कोई है मुन्तजिर कितना ये लहजे बोल देते हैं।

 

प्यार की दास्तां जब भी वक्त दोहरायेगा,
हमें भी एक शख्स बहुत याद आयेगा,
जब उसके साथ बिताये लम्हें याद आयेंगे,
आँखें नम हो जाएँगी दिल आंसू बहायेगा।

 

लबों पर लफ्ज़ भी अब तेरी तलब लेकर आते हैं,
तेरे जिक्र से महकते हैं तेरे सजदे में बिखर जाते हैं।

 

मजबूर नहीं करेंगे तुझे वादे निभानें के लिए,
बस एक बार आ जा, अपनी यादें वापस ले जाने के लिए।

 

हर सागर के दो किनारे होते है,
कुछ लोग जान से भी प्यारे होते है,
ये ज़रूरी नहीं हर कोई पास हो, क्योंकी…
जिंदगी में यादों के भी सहारे होते है।

 

फिर तेरी याद, फिर तेरी तलब, फिर तेरी बातें,
ऐसे लगता है ऐ दिल मेरे तुझे सकून नहीं आता।

 

तुझे भुलाने की कोशिश तो बहुत की ऐ सनम,
तेरी यादें गुलाब की साख हैं जो रोज महकती हैं।

 

नशीली आँखों से वो जब हमें देखते हैं,
हम घबरा कर आँखें झुका लेते हैं,
कौन मिलाये उन आँखों से आँखें,
सुना है वो आँखों से अपना बना लेते हैं।

 

अहसास मिटा, तलाश मिटी, मिट गई उम्मीदें भी,
सब मिट गया पर जो न मिट सका वो है यादें तेरी।

 

कभी याद आती है कभी उनके ख्वाब आते हैं,
मुझे सताने के सलीके तो उन्हें बेहिसाब आते हैं।

 

बैठे थे अपनी मस्ती में कि अचानक तड़प उठे,
आ कर तुम्हारी याद ने अच्छा नहीं किया।

 

जीना मुहाल कर रखा है मेरी इन आँखों ने,
खुली हो तो तलाश तेरी बंद हो तो ख्वाब तेरे।